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| यंग मुस्लिम कमेटी की आयोजित हुई बैठक |
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कानून के ही रखवाले बिटिया की मौत के जिम्मेदारः मरगूब सिद्दीकी
यंग मुस्लिम कमेटी की आयोजित हुई बैठक, बैठक में बिटिया की मौत पर किया गहरे रंज व ग़म का इजहार, दोशियों को फांसी दिये जाने की मांग
अमरोहा । महिला सुरक्षा के लियें कानून की कमी नही है। और मुरादाबाद जैसे महा नगर में पुलिस फोर्स भी कम नही है। यहां तक कि महिला पुलिस भी काफी संख्या में महा नगर में तैनात है। लेकिन इसके बावुजूद भी बेटियां सरेराह बेइज्जत हो रही हैं। मनचले बेटियों पर हावी होते दिख रहे हैं। लेकिन इस ओर कानून के रखवाले बिल्कुल भी गम्भीर नही दिखाई दे रहे हैं। यह कहना था मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष मरगूब सिद्दीकी का।
यंग मुसिलम कमेटी की एक बैठक शाही चबूतरा स्थित कार्यालय पर आयोजित हुई। जिसमें मुरादाबाद की बिटिया की मौत पर गहरे रंजो गम का इजहार किया और बिटिया की आत्मा की शांति के लियें दुआ की गई। साथ ही दोशियों को फंासी दिये जाने की मांग की। बैठक को सम्बोधित करते हुए यंग मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष मरगूब सिद्दीकी ने कहा कि हरथला के एम0एस0एम0 स्कूल की छात्रा के साथ युवकों ने सरेराह छेड़छाड़ की और पुलिस ने इस मामले को लापरवाही से लेते हुए दोनों पक्षों में समझोता करा दिया। जिसके कारण छात्रा ने खुदकुशी कर ली। उन्होने कहा कि अगर पुलिस समझौता कराने के बजाय दोशियों पर कार्यवाही करती तो शायद मुरादाबाद की बिटिया हम सबके बीच मौजूद होती। उन्होने कहा कि घटना को अंजाम देने वाले दोशियों के साथ साथ इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को जेल भेजा जाय। उन्होने कहा कि महिला उत्पीड़न के लियें बनाये गये कानून का पालन गम्भीरता से होना चाहिये ताकि आने वाले समय में इस तरह की कोई घटना सामने न आ सके। उन्होने कहा कि कानून के रखवाले ही कानून का पाठ पढ़ाने में ढिलाई बरतते हैं तभी ऐसे मंचले बहु बेटियों पर हावी हो रहे हैं। ऐसा कोई सा दिन नही होता जब कहीं राह चलते बहु बेटियों के साथ अश्लील हरकतें न होती हों। उन्होने कहा कि अधिकतर ऐसे मामले इज्जत या आरोपियों के डर से सामने नही लाये जाते। और मुरादाबाद की बिटिया का यह मामला जब सामने आया जब पीडि़त ने निराश हो कर खुद को आग के हवाले कर लिया। तब कहीं जाकर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की थी लेकिन उसका भी कोई फायदा नही हुआ और निराश होकर पीडि़ता ने खुदकुशी कर ली। मरगूब सिद्दीकी ने कहा कि मंचलो की दबंगई से शहर और गांव की गलियां सुरक्षित नहीं बची हैं। बैठक में कमर नकवी, फहीम शाहनवाज़, यामीन फारूकी, हफीज अख्तर, फैसल जफर, वसीम अन्सारी, शमीम उद्दीन, फख्रेआलम, हाजी खुर्रम, जावेद राईनी, रौनक सलमानी, परवेज फारूकी, शमीम अहमद आदि अन्य लोग शामिल थे। |
| Economy and education |
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Amroha is known for its mangoes; many of the cultivars grow there.[2] Its main industries are pottery making, hand-loom weaving, and sugar milling and secondary ones are carpet manufacturing, wood handicrafts and small-scale production of cotton cloth |
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