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Monday 16th 2019 December
 

कोई भी कौम तालीम के बिना नहीं कर सकती तरक्कीः हाजी इकरार

News Date :

26.08.2019

Repoter Name :

नदीम अहमद ब्यूरो चीफ दैनिक तरुण मित्र

News Detail:

हाशमी गल्र्स डिग्री कालेज अमरोहा में हज के सफर के वापसी पर नसीम राईनी का पुरज़ोर इस्तेकबाल किया गया। इस दौरान उन्हें मालाएं पहनाकर व बुके देकर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन हाजी इकरार अंसारी साहब ने की। कार्यक्रम का आगाज मौलाना अजमद ने नातेनबी से किया। हज ए बैतुल्ला की ज़्यारत से लौटने पर नसीम राईनी ने कहा कि यह अल्लाह तआला का यह मेरे लिए बहुत बड़ा इनाम है कि हज जैसी अज़ीम इबादत की अदाईगी का मौका मिला। अल्लाह अपने हर नेक बंदे को हज व उमराह करना नसीब करे। हज के मकसद को अपनी ज़िन्दगी का मकसद बना लें और मौहम्मद सल0 की तालिमात पर चलने की तौफिक अता फरमाऐ। अल्लाह ने उनके हज के तमाम अरकान पूरे कराए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते पूर्व चेयरमैन हाजी इकरार अंसारी ने कहा कि अल्लाह के वह नेक बंदे बहुत खुशकिस्मत हैं जिन्हें अल्लाह ने अपने दर की हाजिरी करायी। यह अल्लाह की तरफ से बड़ा इनाम है और एहसान है उसका हम जितना भी शुक्र अता करें वो कम है। हज जैसी अज़ीम इबादत की अदायगी के बाद इंसान के सारे गुनाह माफ हो जाते हैं। इस ईनाम पर अल्लाह का जितना भी शुक्र अदा करें वो कम है। उन्हांेने कहा कि हमें दीन की राह के साथ साथ दुनियावी तालीम को भी हासिल करना चाहिए। क्यांेकि तालीम के बिना कोई भी कौम तरक्की नहीं नहीं कर सकती। इतिहास गवाह है कि जिन मुल्कों ने तरक्की की है उसके पीछे उनका तालीम याफ्ता होना है। खासतौर से हमें बालिकाओं की शिक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए। हाशमी एजुकेशनल गु्रप के चेयरमैन व कालेज प्रबंधक हकीम डा० सिराज उददीन हाशमी ने सभी का आभार जताते कहा कि वह लोग खुश नसीब हैए जिनको हज जैसा अहम फरीज़ा नसीब होता है। आज हमे ज़रूरत है मुहम्मद सल0 की दी हुई तालिमात पर अमल करें। हम अमल जब ही कर सकते हैं जब हमारे अन्दर तालिम होगीए क्योकि तालिम आज ऐसा मसला बन चुका है कि इसमे बगैर ज़िन्दगी की हर राह अधूरी है। कार्यक्रम मंे हाजी रियाज उद्दीनए मुजम्मिल राईनीए इकराम हैदरए हाजी भूरे राईनीए हाजी नईमए हाजी हसीनए जावेदए हाजी सईदए शुऐबए अब्दुल मलिकए नुसरत उल्लाए जियाउन्नबीए अकरम मंसूरीए डा0 शंहशाहए सालार गाजीए मौहम्मद फहद आदि मौजूद रहे। अन्त में मौलाना अमजद ने दुआ करायी।
 
 
 
 
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