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Monday 16th 2019 December
 

छात्राओं को दिया फायर एंड एवेक्युशन ड्रिल का प्रशिक्षण

News Date :

15.09.2019

Repoter Name :

नदीम अहमद ब्यूरो चीफ दैनिक तरुण मित्र

News Detail:

हाशमी गल्र्स पी0जी0 कालेज अमरोहा में अग्नि शमन विभाग की ओर से महाविद्यालय की छात्राआंे एवं स्टाफ को अग्नि से बचाव हेतु प्रशिक्षण दिया गया। अग्निशमन अधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह द्वारा छात्राआंे को आग लगने पर बचाव के तरीके सुझाये गये। जैसे- आग लगने पर किस प्रकार से सुरक्षा करनी चाहिये तथा आग को किस प्रकार बुझाना चाहिये। इसका प्रदर्शन फायर टीम ने किया तथा छात्राओं व स्टाफ को स्वयं प्रयोग करके दिखाया। जबकि आग लगने के कारण, तरीके तथा उनपर तात्कालिक कार्यवाही करते हुए कैसे काबू पाया जाए इसकी पूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही छात्राओं को प्रयोगात्मक तरीके से आग लगाकर उसपर विभिन्न माध्यमों से काबू करने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें एलपीजी सिलेंडर, बिजली उपकरण, तेल, कागज, कपड़े इत्यादि से लगने वाले आग तथा उनपर कैसे काबू पाया जाए तथा किन-किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए यह विस्तारपूर्वक बताया गया। प्रभारी एफ0एस0 अमरोहा श्री रजा हसनैन ने बताया कि आग बुझाने के लिए साधारणत सबसे अच्छी रीति पानी उड़ेलना है, बालू या मिट्टी डालने से भी छोटी आग बुझ सकती है। दूर से अग्नि पर पानी डालने के लिए रकाबदार पंप अच्छा होता है। छोटी-मोटी आग को थाली या परात से ढककर भी बुझाया जा सकता है। आरंभ में आग बुझाना सरल रहता है। आग बढ़ जाने पर उसे बुझाना कठिन हो जाता है। प्रारंभिक आग को बुझाने के लिए यंत्र मिलते हैं। उन्होंने बताया कि जब किसी जलते हुए पदार्थ पर पानी का छिडकाव करके आग को बुझाते हैं तो आग बुझांने का यह तरीका ज्वलनशील पदार्थ की गर्मी को शांत कर देता है और आग बुझ जाती है। परन्तु पानी का उपयोग हर प्रकार की आग को बुझाने के लिए नहीं किया जा सकता है जैसे कि बिजली डीजल पेट्रोल इत्यादि। ऑक्सीजन की सप्लाई को रोककर आग बुझाने की प्रक्रिया सामान्यतया इस्तेमाल की जाती है। जब किसी जलते हुए पदार्थ पर एक ऐसी परत का निर्माण किया जाता है जिससे ज्वलनशील पदार्थ को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होती तब आग बुझ जाती है। आग बुझाने के तरीके में हम ज्वलनशील पदार्थ को आग की पहुँच से दूर करते हैं जिस से आग फैलने न पाए। आग बुझाने के इस तरीके में कुछ व्यक्ति आग को नियंत्रित करते हैं तथा कुछ इस ज्वलनशील पदार्थ को किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने का कार्य करते हैं। हाशमी एजुकेशनल गु्रप के चेयरमैन व कालेज प्रबंधक डा0 सिराज उद्दीन हाशमी ने छात्राआंे को जानकारी देते बताया कि यदि घर में लकड़ी, कागज या कपड़े के सामान में आग लगती है तो उसे पानी से बुझाने का प्रयास करना चाहिए। लेकिन यदि शार्ट सर्किट होता है और उससे आग लगती है तो उसे बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इससे करंट लगने का खतरा बना रहता है। छात्राओं को बताया कि इस तरह की आगजनी पर काबू पाने के लिए फोम का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा यदि तेल में आग लग जाती है तो इसे बुझाने के लिए भी पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पानी के इस्तेमाल से तेल फैल जाता है जबकि पानी भारी होने के कारण नीचे बैठ जाता है। इससे आग और भड़क जाती है। इसे बुझाने के लिए भी फोम या कार्बन डाइऑक्साइड का इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान आग बुझाने के लिए दमकल विभाग के पास मौजूद उपकरणों की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर चालक मुकेश कुमार, एफएसओ कार्यालय अमरोहा फरियाद हुसैन ने भी छात्राआंे को आग बुझाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से महाविद्यालय प्रबन्धक डाॅ0 सिराज उद्दीन हाशमी, प्राचार्या डाॅ0 नौशाबा परवीन, सहित कालेज का समस्त स्टाफ एवं छात्रायें उपस्थित रहीं।
 
 
 
 
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