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"Chalte Chalte Yun Hi Koi" - Mera Karma and Dharma-Song
मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी — पंजाब के शाही इमाम
मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी का जन्म पंजाब के प्रतिष्ठित धार्मिक परिवार में हुआ। उन्होंने कम उम्र से ही धार्मिक और आधुनिक शिक्षा हासिल की। वे इतिहास में पीएच.डी. (PhD in History) धारक हैं और एक जाने-माने शोधकर्ता भी हैं।
सितंबर 2021 में, उनके पिता मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी के निधन के चार दिन बाद उन्हें पंजाब का शाही इमाम नियुक्त किया गया। यह घोषणा लुधियाना की जामिया मस्जिद में औपचारिक कार्यक्रम के दौरान हुई।
मौलाना उस्मान अब तक छह किताबें लिख चुके हैं। इनमें सबसे प्रसिद्ध पुस्तक है "दास्तान-ए-लुधियाना", जिसमें उन्होंने पंजाबियों की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका को विस्तार से दर्ज किया है।
उनका परिवार धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद प्रभावशाली रहा है। उनके पूर्वज हबीब-उर-रहमान लुधियानवी जमीयत-ए-अहरार-ए-इस्लाम के संस्थापकों में से एक थे और अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे।
मौलाना उस्मान बेबाकी से अपनी राय रखते हैं। वे इस्लामिक नेतृत्व के सही मायने समझाते हुए कहते हैं कि “सच्चा नेता वही है जो मुश्किल वक्त में अपनी कौम के लिए सामने खड़ा हो।”
उन्होंने संभल हिंसा और अन्य घटनाओं पर मुस्लिम नेताओं की ढुलमुल नीति की आलोचना की।
वे मानवता, सामाजिक न्याय और पारिवारिक एकता के हिमायती हैं।
विभाजन (Partition) के बाद पाकिस्तान चले गए रिश्तेदारों के साथ वे सोशल मीडिया के जरिए जुड़े रहते हैं और वीजा नियमों में ढील देने की मांग करते हैं, ताकि बिछड़े परिवार फिर मिल सकें।
अमरोहा की मुस्लिम कमेटी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनके आगमन पर इतिहास की सबसे बड़ी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने कहा कि इतनी भीड़ शायद किसी आलिम के लिए अमरोहा में पहले कभी नहीं जुटी
नाम: मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी
पद: शाही इमाम पंजाब
शिक्षा: इतिहास में पीएच.डी.
लेखन: छह पुस्तकें, प्रमुख — “दास्तान-ए-लुधियाना”
परिवार: स्वतंत्रता सेनानी हबीब-उर-रहमान लुधियानवी के वंशज
विचारधारा: धार्मिक नेतृत्व, सामाजिक न्याय, मानवता और एकता
हालिया चर्चा: अमरोहा दौरे में रिकॉर्ड तोड़ भीड़
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